Next Generation SIM Card Technology

Virtual SIM

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वर्चुअल सिम कार्ड, रेगुलर Plastic सिम कार्ड से अलग होते हैं रेगुलर सिम कार्ड वो कार्ड हैं जिन्हे हम आज यूज़ कर रहे हैं .वर्चुअल सिमकार्ड वास्तव में होता नहीं हैं जैसे रेगुलर सिम कार्ड हम देख सकते हैं सिम Slot में, परन्तु वर्चुअल सिम को नहीं देखा जा सकता

 वर्चुअल सिम Cloud Based Technology पर आधारित है और  इसे  ऑनलाइन Create किया जाता है और हम जिस भी सर्विस प्रोवाइडर (वोडाफ़ोन, एयरटेल ) को चुनते हैं,  उसके Application को मोबाइल फ़ोन पर Install करके वर्चुअल फ़ोन no. Generate करते हैं . Authentication और Verification के बाद आपके फ़ोन पर यह no. एक्टिव कर दिया जाता है , यह No. एक नार्मल Phone no. की तरह काम करता है. Virtual Sim से हम अपने  Whatsapp और दूसरी Social Media साइट्स को भी पहले की तरह चला सकते हैं ।

वर्चुअल सिम कार्ड के लिए फ़ोन में कोई सिम कार्ड स्लॉट नहीं होता ,मोबाइल फ़ोन मैन्युफैक्चरर कंपनी फ़ोन बनाते समय ही इसे मोबाइल के  Hardware में एम्बेडेड कर देता  है और इस प्रकार मोबाइल फ़ोन में एक ही Virtual Sim  पर  Multiple no. generate किये जा सकते हैं और वो भी किसी भी लोकेशन से.


*वर्चुअल सिम टेक्नोलॉजी पर आधारित फ़ोन का यूज़ अभी तक विश्व के लगभग 50 देश कर रहे हैं

वर्चुअल सिम : खतरा या नहीं ?
अगर हम टेक्नोलॉजी की बात करें तो इसके लाभ और नुक्सान दोनों हैं. सबसे पहले हम लाभ  की बात करते हैं.

लाभ :
(1) अगर यूजर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी बदलना चाहता है तो वह आसानी से बदल सकता है
(2) इसे  यूजर  बिना  कोई सिम खरीदे आसानी से ऑपरेट कर सकता है
(3) अगर यूजर अपनी लोकेशन चेंज करता है तो उसे किसी तरह की परेशानी नहीं उठानी पड़ती
(4) मोबाइल चोरी के केस में फ़ोन ट्रेसिंग आसानी से हो जाती है
(5) सिम स्लॉट न होने के कारण बैटरी ज्यादा लम्बे समय तक चलती है.


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